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Atal Bridge: पीएम मोदी ने किया ‘अटल ब्रिज’ का उद्घाटन, बोले- इतिहास बनाने के लिए इसे याद रखना जरूरी…..

Atal Bridge: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार (27 अगस्त) को गुजरात (Gujrat) के अहमदाबाद (Ahmadabad) में साबरमती नदी (Sabarmati River) पर अटल ब्रिज (Atal Bridge) का उद्घाटन किया. पीएम मोदी ने साबरमती रिवरफ्रंट (Sabarmati Riverfront) पर आयोजित खादी उत्सव कार्यक्रम में एक सभा को संबोधित किया. इसी जगह से प्रधानमंत्री ने फुट ओवर ब्रिज को लॉन्च किया. वहीं, उद्घाटन से एक दिन पहले पीएम मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पुल की तस्वीरें शेयर की थी. उन्होंने लिखा- “क्या अटल ब्रिज शानदार नहीं दिखता!” चलिए साबरमती नदी पर बने फुटओवर ब्रिज के बारे में महत्वपूर्ण बातें जानते हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी अहमदाबाद शहर में साबरमती नदी पर केवल पैदल चलने वाले अटल ब्रिज का उद्घाटन किया. नगर निगम ने इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर रखा है. आकर्षक डिजाइन और एलईडी लाइटिंग वाला ये पुल बीच में लगभग 300 मीटर लंबा और 14 मीटर चौड़ा है और रिवरफ्रंट के पश्चिमी छोर पर फूलों के बगीचे और पूर्वी पर आने वाले कला और संस्कृति केंद्र को जोड़ता है.

जानिए पीएम मोदी ने अटल ब्रिज को लेकर क्या कहा
अटल ब्रिज का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अटल ब्रिज साबरमती नदी के दो किनारों को ही आपस में नहीं जोड़ रहा बल्कि ये डिजाइन और इनोवेशन में भी अभूतपूर्व है.” उन्होंने कहा, “इसकी डिजाइन में गुजरात के मशहूर पतंग महोत्सव का भी ध्यान रखा गया है. साबरमती का ये किनारा आज धन्य हो गया है.” पीएम ने आगे कहा, ‘इतिहास साक्षी है कि खादी का एक धागा, आजादी के आंदोलन की ताकत बन गया, उसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ दिया. खादी का वही धागा विकसित भारत के प्रण को पूरा करने का आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने का प्रेरणा-स्रोत बन सकता है.’

7500 बहनों-बेटियों ने चरखे पर सूत कातकर रचा इतिहास
पीएम मोदी ने कहा, “आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7500 बहनों-बेटियों ने एक साथ चरखे पर सूत कातकर नया इतिहास रच दिया है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि आजादी के आंदोलन के समय जिस खादी को गांधी जी ने देश का स्वाभिमान बनाया, उसी खादी को आजादी के बाद हीन भावना से भर दिया गया है. इस वजह से खादी और खादी से जुड़ा ग्रामोद्योग पूरी तरह तबाह हो गया. खादी की ये स्थिति विशेष रूप से गुजरात के लिए बहुत ही पीड़ादायक थी.”

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पीएम मोदी ने फिर दोहराए 5 प्रण 
प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा, आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 7,500 बहनों-बेटियों ने एक साथ चरखे पर सूत कातकर नया इतिहास रच दिया है. 15 अगस्त को लाल किले से मैंने पंच-प्रणों की बात कही थी. साबरमती के तट पर इस पुण्य जगह पर मैं पंच-प्रणों को फिर दोहराना चाहता हूं.” पीएम ने कहा, “पहला- देश के सामने विराट लक्ष्य, विकसित भारत बनाने का लक्ष्य. दूसरा- गुलामी की मानसिकता का पूरी तरह त्याग. तीसरा- अपनी विरासत पर गर्व. चौथा- राष्ट्र की एकता बढ़ाने का पुरजोर प्रयास. पांचवा- नागरिक कर्तव्य”

यहां जानिए ‘अटल ब्रिज’ के बारे में महत्वपूर्ण बातें

  • केवल पैदल यात्री ‘अटल ब्रिज’ साबरमती नदी पर एक फुट-ओवर ब्रिज है, जिसे एलिस ब्रिज और सरदार ब्रिज के बीच बनाया गया है.
  • 2,600 मीट्रिक टन स्टील पाइप का इस्तेमाल करके पुल का निर्माण किया गया है.
  • आकर्षक डिजाइन और एलईडी लाइटिंग वाला ये पुल लगभग 300 मीटर लंबा और बीच में 14 मीटर चौड़ा है.
  • पुल की छत रंगीन कपड़े से बनी है और रेलिंग कांच और स्टेनलेस स्टील से बनाई गई है.
  • एफओबी नदी के पश्चिमी छोर पर फूलों के बगीचे और पूर्वी छोर पर आने वाले कला और संस्कृति केंद्र को जोड़ता है.
  • पैदल चलने वालों के अलावा साइकिल चालक भी यातायात से बचते हुए नदी पार करने के लिए इस पुल का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • पुल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोग इसे निचले और ऊपरी दोनों रास्तों से या रिवरफ्रंट के सैरगाह से संपर्क कर सकते हैं.
  • ये लोगों को जलाशय के बीच से रिवरफ्रंट देखने की अनुमति देगा.

पैदल और साइकिल सवार के लिए बना पुल
अटल ब्रिज (Atal Bridge) पर पैदल चलने वालों के अलावा साइकिल चालक भी इस पुल का इस्तेमाल नदी पार करने के लिए कर सकते हैं. ये लोगों को नदी के किनारे के बीच से नदी के किनारे को देखने को मिलेगा. पुल को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि लोग निचले और ऊपरी दोनों रास्तों से या रिवरफ्रंट (Riverfront) के सैरगाह से संपर्क कर सकते हैं. अटल ब्रिज में 2,600 मीट्रिक टन स्टील पाइप का इस्तेमाल करके बनाया गया है, जबकि छत रंगीन कपड़े से बनी है और रेलिंग कांच और स्टेनलेस स्टील से बनाई गई है.

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