Homeछत्तीसगढ़मोदी सरकार का बड़ा एक्शन! बैन किए 174 गैंबलिंग और बेटिंग ऐप्स

मोदी सरकार का बड़ा एक्शन! बैन किए 174 गैंबलिंग और बेटिंग ऐप्स

सरकार ने अवैध गैंबलिंग और बेटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 581 ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है. इनमें से 174 गैंबलिंग और बेटिंग ऐप्स और 87 लोन देने वाले ऐप्स शामिल हैं. सरकार ने ये ऐप्स इसलिए ब्लॉक किए हैं क्योंकि वे भारत में अवैध हैं. अवैध बेटिंग और गैंबलिंग ऐप्स लोगों को पैसे गंवाने का कारण बन सकते हैं और उन्हें जुए की लत लग सकती है. लोन देने वाले ऐप्स भी लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि ये अक्सर बहुत अधिक ब्याज दरें लेते हैं.

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत कुल 581 ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है. इनमें से 174 बेटिंग और गैंबलिंग से संबंधित ऐप्स, 87 लोन ऐप्स और PUBG, GArena Free Fire आदि जैसे गेमिंग ऐप्स सहित अन्य एप्लिकेशन शामिल हैं.’ ED के अनुरोध पर 22 अवैध बेटिंग और गैंबलिंग ऐप और वेबसाइट्स को ब्लॉक किया गया था.

क्यों बैन किए गए ये ऐप्स
पिछले साल अक्टूबर में, सरकार ने डोमेन फार्मिंग के माध्यम से चल रहे 114 अवैध बेटिंग और गैंबलिंग ऐप्स को ब्लॉक किया था. फरवरी में, सरकार ने 138 अवैध सट्टेबाजी और गेमिंग वेबसाइटों को ब्लॉक किया था. हाल ही में, जुलाई में, सरकार ने IGST अधिनियम में संशोधन किया था. इस संशोधन के अनुसार, सभी ऑफशोर गेमिंग कंपनियों को भारत में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है.

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इसके अलावा, सरकार को उन वेबसाइटों को ब्लॉक करने की शक्ति भी दी गई है जो रजिस्टर्ड नहीं हैं और कानूनों का उल्लंघन कर रही हैं. अवैध सट्टेबाजी और जुए के प्लेटफॉर्म अक्सर प्रॉक्सी बैंक अकाउंट्स का उपयोग करके यूपीआई भुगतान एकत्र करते थे. ये प्लेटफॉर्म प्रॉक्सी अकाउंट्स में जमा राशि को हवाला, क्रिप्टो और अन्य अवैध मार्गों के माध्यम से भेजते थे.

कौन से ऐप्स किए गए बैन
सरकार ने महादेव ऐप के अलावा कई अवैध बेटिंग और गैंबलिंग ऐप्स और वेबसाइटों को ब्लॉक कर दिया. इन ऐप्स में Parimatch, Fairplay, 1XBET, Lotus365, Dafabet और Betwaysatta शामिल हैं. इनमें से कई ऐप्स पहले से ही बैन लिस्ट में थे और कुछ भारत में अवैध रूप से काम कर रहे थे. लोकसभा में एक सवाल के उत्तर में, राज्य मंत्री ने संसद को बताया था कि 1 अक्टूबर के बाद से अब तक किसी भी ऑफशोर कंपनी ने भारत में रजिस्टर नहीं कराया है.

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